शेडयूल केला
केला.
केले की खेती मल्टीप्लायर तकनीक के साथ करने का तरीका.
निम्न नियोजन एक हजार पौधों के लिए है.
१) अगर आप केले के कंद लगा रहे हों, तब 10 लीटर पानी में 50 ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर केले के कंद उसमें डुबाकर लगाएं.
2) केले के पौधे या कंद खेत में लगाने के बाद 1000 पौधों के लिए 200 लीटर पानी में एक किलो मल्टीप्लायर मिलाकर प्रत्येक पौधे के रूट झोन में 200 मिली घोल डालना है.
३) जब पौधों को रासायनिक खाद देना हो, तब रासायनिक खाद पर चार किलो मल्टीप्लायर का कोटिंग करना है.
४) रासायनिक खाद एकदम से बंद नहीं करना है, उसका प्रमाण 20 प्रतिसत कम करिये, जब आपको उत्पादन बढ़कर मिले, तब अगली फसल में रासायनिक खाद और कम करिये, कुछ सालों में आपका रासायनिक खाद शून्य हो जायेगा.
५) मिटटी से उत्पन्न होनेवाले रोगों के कारण फसल में मर रोग समस्या आती है, कंपनी प्रतिनिधि से ट्रायकोडर्मा खेत पर तैयार करने की जानकारी लें, एक एकड़ का खर्चा 40 रुपये आता है.
६) मल्टीप्लायर तकनीक से खेती करने से 5 से 7 साल में रासायनिक खाद का इस्तेमाल शून्य हो जाता है, सम्पूर्ण खेती आर्गनिक बन जाती है, जिस दिन से मल्टीप्लायर तकनीक का इस्तेमाल करेंगे, हर साल बढ़ा हुआ उत्पादन मिलेगा, किड रोग समस्या कम-कम होती जायेगी.
७) मल्टीप्लायर तकनीक की खेती में उत्पादन बढ़कर मिलेगा, चिलिंग समस्या भी कम-कम होकर समाप्त हो जायेगी.
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