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Showing posts from June, 2022

गोभी की खेती में मल्टीप्लायर तकनीक के साथ किड रोग समस्या पर होनेवाले खर्च में बचत हो रही है

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  १) किसान भाई का नाम श्री ब्रह्मजीत सिंह ग्राम खेरा कलां दिल्ली। २) मार्गदर्शक तथा मल्टीप्लायर विक्रेता- विक्रमवीर पुरस्कार विजेता श्री डाह्याभाई पटेल सर। ३) गोभी की खेती में मल्टीप्लायर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। ४) किसान भाई सब्जियों की खेती करते हैं, पिछले दो सालों से तरह-तरह की सब्जियों में मल्टीप्लायर तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। ५) सभी फसलों में उत्पादन बढ़कर मिल रहा है। ६) किड रोग समस्या पर होनेवाले खर्च में बचत हो रही है.

गोभी की खेती में मल्टीप्लायर तकनीक के साथ फसल तेजी से बढ़ रही है|

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  १) किसान भाई का नाम श्री संतोष आनंद कुटाल ग्राम भोरवड़ तहसील जुन्नर जिला पुणे महाराष्ट्र।   २) मार्गदर्शक तथा मल्टीप्लायर विक्रेता- श्री संतोष कुटाल सर स्वयं कंपनी प्रतिनिधि हैं। ३) गोभी की खेती में मल्टीप्लायर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। ४) फसल तेजी से बढ़ रही है। ५) पत्तों का आकार जम्बो मिला है, उत्पादन भी बढ़कर मिलेगा। 

१०० प्रतिसत आर्गनिक मूँग कि फसल में सिर्फ मल्टीप्लायर का इस्तेमाल हुआ है|

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  १) किसान भाई वसंत खत्र्या गावित ग्राम कुंभारखान तहसील अक्कलकुवा जिला नंदुरबार महाराष्ट्र, इन्होंने मूँग कि फसल मल्टीप्लायर कि मदत से १०० प्रतिसत आर्गनिक लेने का निश्चय किया, एक रुपये कीमत का भी खाद नहीं डाला, मल्टीप्लायर के ४ छिड़काव किये. २) मल्टीप्लायर के छिड़काव से, फसल का प्रकृति के साथ सम्बंध जुड़ गया, और बिना रासायनिक खाद के भी फसल ऐसी तैयार हुई है कि, उत्पादन कम से कम ५० प्रतिसत तक बढ़कर मिलने कि सम्भावना है. ३) सिर्फ मल्टीप्लायर का छिड़काव करके मूँग कि फसल तैयार करने के लिए दिलवरसिंग वसावे सर ने मार्गदर्शन किया है.

मुंग की खेती में नीचे से ऊपर तक फूल ही फूल|

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  १) किसान भाई का नाम कैलाश कुंभार ग्राम कलमसरे तहसील अमलनेर जिला जळगाव महाराष्ट्र, इनको कंपनी के प्रतिनिधि प्रभुसिंग परदेशी सर ने मल्टीप्लायर तकनीक से मुंग की खेती में ज्यादा उत्पादन लेने की सलाह दी. २) किसान भाई ने रासायनिक खाद में प्रति एकड़ एक किलो मल्टीप्लायर कोटिंग करके दिया. ३) फसल बढ़ने लगी तब 15 लीटर पानी में 10 ग्राम मल्टीप्लायर + 05 मिली ऑल क्लियर + 01 मिली स्प्रे प्लस मिलाकर छिड़काव किया. ४) फसल को ग्रोथ बहोत अच्छी मिली है, पत्तों का आकार बड़ा है, कलर डार्क ग्रीन बना हुआ है, पौधों में नीचे से ऊपर तक जोरदार फ्लावरिंग है.

मल्टीप्लायर तकनीक के साथ मुंग की खेती में खर्च कम हुआ|

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  १) किसान भाई का नाम श्री हरविंदर सिंह गंगानगर राजस्थान. २) मार्गदर्शक तथा मल्टीप्लायर विक्रेता- श्री आशीष मोंडल सर. ३) मुंग की खेती में मल्टीप्लायर तकनीक का इस्तेमाल किया. ४) मल्टीप्लायर तकनीक का इस्तेमाल करने के कारण फसल को प्रकृति से बिनामूल्य भोजन मिलने के कारण रासायनिक खाद की मात्रा 50% कम की गई. ५) किसान भाई का कहना है की, खर्च कम हुआ है, बावजूद उत्पादन बढ़कर मिलेगा.

मल्टीप्लायर के इस्तमाल से मूंग की फसल में कीड़ रोग की समस्या से छुटकारा!

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  १) किसान भाई का नाम श्री कार्तिक भाई ग्राम केलोद तहसील तथा जिला भरुच गुजरात. २) मार्गदर्शक तथा मल्टीप्लायर विक्रेता डाहयाभाई छगनभाई पटेल सर. ३) मुंग की खेती में मल्टीप्लायर तकनीक का इस्तेमाल किया. ४) किसान भाई ने 115 एकड़ में मुंग की फसल लगाईं है, किड रोग की कोई समस्या नहीं है.

वाल की फसल में १५ दिन की भयानक बरसात में भी फसल सबसे आगे|

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  १) किसान भाई का नाम ज्ञानेश्वर हरिभाऊ बटवाल ग्राम नेतवाड़ी मालवाड़ी तहसील जुन्नर जिला पुणे, इनको कंपनी के प्रतिनिधि जयसिंग गबाजी बटवाल सर ने मल्टीप्लायर इस्तेमाल करने की जानकारी दी. २) किसान भाई ने १ एकड़ क्षेत्र में बालवर (वाल) की फसल लगाईं थी, ५०० ग्राम मल्टीप्लायर जमीन से दिया, और १० दिन के अंतर से १५ लीटर पानी में १५ ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर ३ बार छिड़काव किया. ३) फसल तेजी से बढ़ रही है, पत्ते गहरे हरे रंग के बने हुए हैं, फूल आना प्रारम्भ हो गया है. ४) किसान भाई पिछले कई सालों से लगातार बालवर की फसल लगाते हैं, उनका कहना है की, ऐसी जबरदस्त फसल आज तक नहीं देखी. ५) फसल जोरदार है तो उत्पादन बढ़कर आना निश्चित है.

वाल मेंउत्पादन अच्छा मिल रहा है|

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  १) किसान भाई का नाम कांतिलाल चौधरी ग्राम लोहारा तहसील पाचोरा जिला जलगांव, किसान भाई ने बालवार की फसल लगाईं थी, कंपनी के प्रतिनिधि प्रभुसिंग परदेशी सर ने बताया की, अगर किटक रोग मुक्त,बढ़ा हुआ उत्पादन लेना है तो मल्टीप्लायर का इस्तेमाल करो, उत्पादन ज्यादा समय तक मिलता रहेगा. २) किसान भाई ने १ एकड़ में २५० ग्राम मल्टीप्लायर ३ बार दिया और ३ बार १५ लीटर पानी में १५ ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर छिड़काव किया. ३) उत्पादन सुरु हो गया है, बढ़ा हुआ उत्पादन मिल रहा है.

"मल्टीप्लायर तकनीक" से, बालवर की आर्गनिक खेती, उत्पादन पहले से ज्यादा!

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  १) किसान भाई का नाम श्री ज्ञानेश्वर हरिभाऊ बटवाल ग्राम नेतवड तहसील जुन्नर जिला पुणे महाराष्ट्र. २) मार्गदर्शक तथा मल्टीप्लायर विक्रेता -श्री जयसिंग गबाजी बटवाल सर. ३) किसान भाई ने आधा एकड़ क्षेत्र में बालवर (वाल) की खेती की है, पिछले साल भी बालवर की खेती में "मल्टीप्लायर तकनीक" का इस्तेमाल किया था, किसान भाई को इस तकनीक की ताकत का अहसास हो जाने के कारण उन्होंने इस बार आर्गनिक बालवर उत्पादन का निर्णय लिया. ४) रासायनिक खाद का एक दाना भी नहीं डाला, फसल की ग्रोथ शानदार है, पत्तों का आकार बड़ा है, कलर डार्क ग्रीन है, फूलों की संख्या ज्यादा है, किड रोग का अटेक बिलकुल नही है, उत्पादन भी पहले की अपेक्षा ज्यादा मिल रहा है.

वाल की खेती में उत्पादन बढ़कर मिलेगा।

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  १) किसान भाई का नाम श्री आबासाहेब पावसे संगमनेर जिला अहमदनगर महाराष्ट्र। २) मार्गदर्शक तथा मल्टीप्लायर विक्रेता-विक्रमवीर पुरस्कार विजेता श्री सतीष नामदेव माली सर। ३) वाल की खेती में "मल्टीप्लायर तकनीक" का इस्तेमाल किया गया है। ४) फसल की ग्रोथ बहुत अच्छी हुई है, उत्पादन भी बढ़कर मिल रहा है। ५) वाल की क्वालिटी अप्रतिम होने के कारण बाजार में भाव ज्यादा मिल रहा है

कम खर्च में फसल शानदार तैयार हो गई!

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१) किसान भाई का नाम श्री शुभम बटवाल ग्राम मालवाड़ी तालुका जुन्नर जिला पुणे महाराष्ट्र. २) मार्गदर्शक तथा मल्टीप्लायर विक्रेता श्री जयसिंग गबाजी बटवाल सर. ३) किसान भाई बालवर (वाल) की फसल में मल्टीप्लायर तकनीक का इस्तेमाल किया. ४) छिड़काव में मल्टीप्लायर, ऑल क्लियर और स्प्रे प्लस का इस्तेमाल किया. ५) कम खर्च में फसल शानदार तैयार हो गई, उत्पादन बढ़कर मिल रहा है.

ककड़ी की फसल में मल्टीप्लायर तकनीक से दूसरे सभी खर्चों की बचत हुई..!!

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ककड़ी की फसल में मल्टीप्लायर तकनीक से दूसरे सभी खर्चों की बचत हुई..!! १) किसान भाई का नाम श्री वसंत गावंडे गेवराई जिला बीड महाराष्ट्र, २) किसान भाई ने ककड़ी की फसल लगाने के बाद प्रत्येक आठ दिन के अंतर से चार बार 250 ग्राम मल्टीप्लायर पानी के साथ दिया. ३) 15 लीटर पानी में 15 ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर एक बार फसल पर छिड़काव किया. ४) फसल की ग्रोथ बहोत अच्छी हुई है, पत्तों का कलर ग्रीन है, फूल भी भरपूर लग रहे हैं, ककड़ी भी तैयार हो रही है, अगले सप्ताह माल बाजार में जाने लगेगा.

मल्टीप्लायर तकनीक से ककड़ी का उत्पादन डबल..!!

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मल्टीप्लायर तकनीक से ककड़ी का उत्पादन डबल..!! १) किसान भाई का नाम श्री भावेशवार रमेश मुंगल गांव इजली तहसील मुदखेड जिला नांदेड़ महाराष्ट्र, २) किसान भाई की खेती-बाड़ी के सामान की दूकान है, मतलब किसान भाई खाद और दवाइयों के जानकार हैं. ३) उन्होंने 10 आर क्षेत्र पर ककड़ी लगाईं थी, 150 ग्राम मल्टीप्लायर दो बार पानी के साथ दिया. ४) 15 लीटर पानी में 10 ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर दो बार फसल पर छिड़काव किया. ५) फसल की ग्रोथ जबरदस्त हुई, फूल ज्यादा आ रहे हैं, ककड़ी भी ज्यादा मात्रा में लग रही हैं, किसान भाई का कहना है की, उत्पादन हमेशा के मुकाबले डबल मिलेगा.

ककड़ी की खेती में मल्टीप्लायर तकनीक से आधा एकड़ से 80 हजार की कमाई..!!

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ककड़ी की खेती में मल्टीप्लायर तकनीक से आधा एकड़ से 80 हजार की कमाई..!! १) किसान भाई का नाम श्री गणेश विट्ठल शिंदे ग्राम निरगुडे तहसील जुन्नर जिला पुणे महाराष्ट्र, २) गणेश सर ने आधा एकड़ क्षेत्र पर US 800 जाती की ककड़ी की फसल लगाईं थी. ३) फसल लगाने के 15 दिन बाद 500 ग्राम मल्टीप्लायर पानी के साथ दिया, उसके 15 दिन बाद 250 ग्राम मल्टीप्लायर पानी के साथ दिया. ४) १५ लीटर पानी में १५ ग्राम मल्टीप्लायर + ०५ मिली ाल क्लियर + ०१ मिली स्प्रे प्लस मिलाकर दो बार फसल पर छिड़काव किया. ५) ककड़ी की फसल बरसात के पहले गर्मी के मौसम में लगाईं थी, दूसरे किसान भाइयों का उत्पादन पत्ते मुरझाने के कारण कम आ रहा था. ६) गणेश सर के खेत से लगातार एक जैसा बढ़ा हुआ उत्पादन मिल रहा था, सभी आश्चर्यचकित थे, ककड़ी के बीज की कंपनी के प्रतिनिधि ने, खेत पर व्हिजीट किया और गणेश सर के पास से मल्टीप्लायर,ऑल क्लियर और स्प्रे प्लस लेकर गया. ७) ककड़ी की आधा एकड़ फसल से 80,000 रुपये की कमाई हुई.

खीरा काकड़ी की खेती ,"मल्टीप्लायर तकनीक" के साथ।

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  १) किसान भाई का नाम श्री तुकाराम मराठे ग्राम बोरगांव तहसील धरणगांव जिला जळगाव महाराष्ट्र। २) मार्गदर्शक तथा मल्टीप्लायर विक्रेता- श्री विशाल शिवनाथ काकड़े सर। ३) खीरा काकड़ी की खेती में "मल्टीप्लायर तकनीक" का इस्तेमाल किया। ४) बेल की ग्रोथ अच्छी हुई, फ्लावरिंग ज्यादा मिली फल भी ज्यादा लगे। ५) खीरा काकड़ी में शायनिंग ज्यादा मिलने से भाव अच्छा मिला। शायनिंग ज्यादा मिलने से भाव अच्छा मिला।

ककड़ी की खेती में मल्टीप्लायर तकनीक से उत्पादन हमेशा के मुकाबले डबल मिला..!!

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ककड़ी की खेती में मल्टीप्लायर तकनीक से उत्पादन हमेशा के मुकाबले डबल मिला..!! १) किसान भाई का नाम योगेश सीताराम बटवाल ग्राम नेटवाड मालवाड़ी तहसील जुन्नर जिला पुणे, २) ककड़ी लगाने के बाद उसमें ग्रोथ नहीं हो रही थी, किसान भाई ने जयसिंग सर के मार्गदर्शन में ५०० ग्राम मल्टीप्लायर ड्रिप इरीगेशन से दिया और १ छिड़काव किया, ६ दिन में ककड़ी की फसल में जोरदार ग्रोथ सुरु हो गई. ३) रिझल्ट से प्रभावित होकर किसान भाई ने प्रत्येक ८ दिन के अंतर से २५० ग्राम मल्टीप्लायर ड्रिप इरीगेशन से देना प्रारम्भ किया, जब-जब भी किसी कारण से छिड़काव किया, उसमें मल्टीप्लायर का इस्तेमाल किया. ४) ककड़ी के सभी पत्ते ज्यादा हरे बन जाने से सूर्यप्रकाश की मदत से ज्यादा भोजन बनने लगा, परिणामस्वरूप बेल तेजी से बढ़ने लगी, शाखाओं का विस्तार तेजी से होने लगा, ग्रोथ इतनी जबरदस्त इसके पहले कभी देखी नहीं थी. ५) किसान भाई हमेशा ककड़ी की फसल लगता है, इस बार मल्टीप्लायर ने उत्पादन के सभी रेकार्ड ब्रेक कर दिए, आज तक के मुकाबले उत्पादन डबल मिल रहा है.

ककड़ी की फसल में मल्टीप्लायर तकनीक से खर्च कम,उत्पादन ज्यादा..!!

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ककड़ी की फसल में मल्टीप्लायर तकनीक से खर्च कम,उत्पादन ज्यादा..!! १) किसान भाई का नाम दत्तात्रय वसंतराव इसरकर ग्राम उपलाई बु II तहसील माढा जिला सोलापुर, २) किसान भाई ने १४ नोव्हेम्बर को ककड़ी की फसल लगाईं. ३) रासायनिक खाद देते समय उसमें १ किलो मल्टीप्लायर मिलाकर दिया. ४) २५० ग्राम मल्टीप्लायर ड्रिप इरीगेशन सिस्टम से अभी तक ४ बार दिया है. ५) १५ लीटर पानी में १५ ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर २ बार छिड़काव किया है. ६) अप्रतिम परिणाम मिला है, हमेशा के मुकाबले खर्च कम हुआ, पहले बहोत सारे उत्पादन डालना पड़ते थे, इस बार दूसरे उत्पादनों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ा. ७) पहले ज्यादा खर्च करने के बावजूद उत्पादन बढ़कर नहीं मिलता था, इस बार खर्च कम होने के बावजूद उत्पादन बढ़कर मिल रहा है, क्वालिटी भी बेहतर होने से बाजार में भाव अच्छा मिल रहा है|

पत्ते पीले पड़ने कि समस्या से तुरंत मुक्ति मिल गई|

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१) किसान भाई का नाम आशीष विखार अचलपुर जिला अमरावती, इन्होने २ एकड़ क्षेत्र में केली की फसल लगाईं थी, फसल छोटी अवस्था में रोग का शिकार हो गई, फसल पर करपा रोग आ गया, पत्तों पर लाल रंग के दाग पड़ने लगे, पत्ते पीले होकर सूखने लगे. २) किसान भाई ने अपनी समस्या से कंपनी के प्रतिनिधि प्रवीण बिरे सर को अवगत कराया, मल्टीप्लायर तो कोई दवा नहीं है, परन्तु सभी समस्याओं से मुक्ति दिलाती है, इस विशवास के साथ किसान भाई को मार्गदर्शन किया. ३) किसान भाई ने २०० लीटर पानी में २५० ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर पौधों के रूट झोन में ड्रेंचिंग किया. ५) १५ लीटर पानी में २० ग्राम मल्टीप्लायर + ५ मिली ऑल क्लियर मिलाकर फसल पर ६ दिन के अंतर से २ बार छिड़काव किया. ६) सभी पौधे कुछ ही दिनों में अच्छे हो गए, लाल दाग गायब हो गए, पत्ते पीले पड़ना बंद होकर पत्ते हरे-हरे बन गए और पौधे तेजी से बढ़ने लगे.

केले के घड का वजन 55 से 70 किलो मिला.

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  1) किसान भाई का नाम अजय कुमार जैन दुर्ग जिला दुर्ग छत्तीसगढ़, इनको कंपनी के प्रतिनिधि अब्दुल अजीज खान सर ने मल्टीप्लायर तकनीक की मदत से केले की फसल में अधिक उत्पादन लेने की तकनीक बताई, गणेश शेंडे सर ने समय-समय पर किसान भाई को मार्गदर्शन किया. 2) किसान भाई की केले की फसल 2 महीने की हो चुकी थी, उसमें मल्टीप्लायर का इस्तेमाल सुरु किया. 3) 2 एकड़ के क्षेत्र में प्रत्येक 15 दिन के अंतर से 500 ग्राम मल्टीप्लायर का ड्रेंचिंग किया तथा प्रति सप्ताह 250 ग्राम मल्टीप्लायर पानी के साथ दिया. 4) उपरोक्त नियोजन 3 महीने तक मतलब फसल छठा महीना सुरु होने तक किया. 5) उसके बाद पानी के साथ प्रति सप्ताह 500 ग्राम दिया, साथ में प्रत्येक 15 दिन के अंतर से 500 ग्राम ड्रेंचिंग करते रहे. 6) जब केला हार्वेस्टिंग होने की अवस्था में था, परिसर में तेज आंधी आई, जिसमें अजय जैन सर के खेत के 3 पेड़ गिर गए, परन्तु दूसरे खेतों में 25 से 30 पेड़ गिरे, मतलब प्राकृतिक आपदा में फसल का बचाव हुआ. 7) किसान भाई ने रासायनिक खाद का हमेशा के मुकाबले कम इस्तेमाल किया है. 8) उत्पादन हार्वेस्टिंग होने पर घड का वजन 55 से 70 किलो मिला ह...

मल्टीप्लायर तकनीक से केले की खेती. नाममात्र खर्च में 35 किलो का घड मिला है.

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  १) किसान भाई का नाम श्री माणिक कोलेलकर ग्राम तळसंदे तहसील हातकणंगले जिला कोल्हापुर महाराष्ट्र. २) मार्गदर्शक तथा मल्टीप्लायर विक्रेता -श्री सुजीतकुमार शिंदे सर. ३) केले की फसल लगाने के दिन से मल्टीप्लायर तकनीक का इस्तेमाल हुआ है, रासायनिक खाद 50 प्रतिसत कम डाला है, अभी सातवा महीना सुरु हुआ है, 12 से 13 फनी हैं, घड का वजन 35 किलो से ज्यादा अपेक्षित है, जमीन में सब जगह पत्थर हैं, जहाँ कुछ भी उत्पादन असंभव है, वहां नाममात्र खर्च में 35 किलो से ज्यादा का घड मिल रहा है.

70 दिन की केले की फसल.विश्वास नहीं कर पाएंगे ग्रोथ देखकर.

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  १) किसान भाई का नाम भिकासिंग राजपूत गांव कलमसरे तहसील अमलनेर जिला जळगाव महाराष्ट्र, इनको कंपनी के प्रतिनिधि प्रभुसिंग परदेशी सर ने मल्टीप्लायर तकनीक से बढ़ा हुआ उत्पादन लेने की तकनीक बताई. २) किसान भाई ने केली के खोड खेत में लगाते समय मल्टीप्लायर के घोल में डुबाकर लगाए. ३) 10 दिन बाद मल्टीप्लायर और ऑल क्लियर का घोल बनाकर प्रत्येक पौधे को ड्रेंचिंग किया. ४) एक महीने के बाद रासायनिक खाद पर 02 किलो मल्टीप्लायर कोटिंग करके फसल को लगाया. ५) जिस दिन फोटो निकाले केले की फसल 70 दिन की थी. ६) बहोत ही शानदार ग्रोथ है, पत्तों का आकार जबरदस्त है.