केले के घड का वजन 55 से 70 किलो मिला.

 1) किसान भाई का नाम अजय कुमार जैन दुर्ग जिला दुर्ग छत्तीसगढ़, इनको कंपनी के प्रतिनिधि अब्दुल अजीज खान सर ने मल्टीप्लायर तकनीक की मदत से केले की फसल में अधिक उत्पादन लेने की तकनीक बताई, गणेश शेंडे सर ने समय-समय पर किसान भाई को मार्गदर्शन किया.

2) किसान भाई की केले की फसल 2 महीने की हो चुकी थी, उसमें मल्टीप्लायर का इस्तेमाल सुरु किया.

3) 2 एकड़ के क्षेत्र में प्रत्येक 15 दिन के अंतर से 500 ग्राम मल्टीप्लायर का ड्रेंचिंग किया तथा प्रति सप्ताह 250 ग्राम मल्टीप्लायर पानी के साथ दिया.

4) उपरोक्त नियोजन 3 महीने तक मतलब फसल छठा महीना सुरु होने तक किया.

5) उसके बाद पानी के साथ प्रति सप्ताह 500 ग्राम दिया, साथ में प्रत्येक 15 दिन के अंतर से 500 ग्राम ड्रेंचिंग करते रहे.

6) जब केला हार्वेस्टिंग होने की अवस्था में था, परिसर में तेज आंधी आई, जिसमें अजय जैन सर के खेत के 3 पेड़ गिर गए, परन्तु दूसरे खेतों में 25 से 30 पेड़ गिरे, मतलब प्राकृतिक आपदा में फसल का बचाव हुआ.

7) किसान भाई ने रासायनिक खाद का हमेशा के मुकाबले कम इस्तेमाल किया है.

8) उत्पादन हार्वेस्टिंग होने पर घड का वजन 55 से 70 किलो मिला है, गणेश शेंडे सर ने किसान भाई को बताया की, आपने जितना मल्टीप्लायर इस्तेमाल किया है, इससे आपकी जमीन उपजाऊ बनी है, अगली फसल में आप उत्पादन के रेकॉर्ड को ब्रेक कर सकते हैं.







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