सोयाबीन की फसल में मल्टीप्लायर तकनीक से सभी अतिरिक्त खर्चों की बचत हो गई!

सोयाबीन की फसल में मल्टीप्लायर तकनीक से सभी अतिरिक्त खर्चों की बचत हो गई!

१) किसान भाई का नाम अजीतसिंग मोहिते ग्राम येलगूड तहसील हातकणंगले जिला कोल्हापुर, इन्होने ९.५ एकड़ क्षेत्र पर सोयाबीन तथा उड़द की फसल लगाईं थी.

२) आपकी फसल में उसे उत्पादनक्षम बनाने के लिए अनेक प्रकार के अलग-अलग उत्पादन पर काफी खर्च करते हैं, उसके बावजूद आपका उत्पादन नियमित से अधिक नहीं मिलता, आप दूसरे सभी खर्चों को ना करते हुए सिर्फ मल्टीप्लायर का इस्तेमाल करिये, आपके खर्चों में बचत के साथ उत्पादन बढ़कर मिलेगा. ३) किसान भाई ने १५ लीटर पानी में १५ ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर प्रति एकड़ १० पंप छिड़काव किये, उसके बाद १५ लीटर पानी में ४० ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर पौधों के रूट झोन में प्रति एकड़ १० पंप ड्रेंचिंग किये. ४) किसान भाई ने ९.५ एकड़ में कुल ७ किलो मल्टीप्लायर का इस्तेमाल किया, फसल लगातार गहरे हरे रंग की बनी रही, गहरे हरे रंग के पत्तों पर सूर्यप्रकाश की मदत से लगातार अधिक भोजन बनता रहा, फसल स्ट्रांग बन गई, अधिक भोजन की उपलब्धता के कारण ग्रोथ तेजी से हुई, किड तथा रोग की समस्या साधारण रही, महँगी दवाओं की आवश्यकता नहीं पड़ी और खर्च हमेशा के मुकाबले कम हुआ है, उसके बावजूद उत्पादन बढ़कर मिलेगा..






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