तिल की फसल में मल्टीप्लायर तकनीक से पत्तों का ऐसा आकार कभी देखा नहीं..!!

तिल की फसल में मल्टीप्लायर तकनीक से पत्तों का ऐसा आकार कभी देखा नहीं..!!

१) अर्जुन प्रधान ग्राम रानीडीह पोस्ट लुकापुरा तहसील सरिया जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़, किसान भाई ने मल्टीप्लायर की मदत से ऐसी तिल की फसल उगाई है, जिसकी चर्चा पुरे गाव में हो रही है.

२) किसान भाई ने आधा एकड़ क्षेत्र पर लगाईं जानेवाले तिल के बीजों को, २० ग्राम मल्टीप्लायर के घोल में १ घंटे भिगाकर रखा, उसके बाद ३ घंटे सुखाया, फिर जमीन में बुवाई की. ३) जमीन तैयार करते समय ५० किलो DAP में १ किलो मल्टीप्लायर मिलाकर दिया, फसल १५ दिन की होने के बाद मल्टीप्लायर का छिड़काव किया. ४) पहला छिड़काव होने के बाद ८ दिन के अंतर से १५ लीटर पानी में १५ ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर लगातार छिड़काव किया जा रहा है. ५) फसल ताकतवर बन गई है, उसका स्टंप जाड़ा बन गया है, पत्तों का आकार अविश्वसनीय है, तिल की फसल में इतने बड़े पत्ते देखने को नहीं मिलते और सबसे बड़ी बात यह की पहले ही दिन से फसल का कलर डार्क ग्रीन बना हुआ है.



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