ड्रैगन फ्रूट,यह फ्रूट ५० रुपये किलो भी बिकता है, तब भी किसान भाई अच्छे पैसे कमा सकता है!

ड्रैगन फ्रूट,यह फ्रूट ५० रुपये किलो भी बिकता है, तब भी किसान भाई अच्छे पैसे कमा सकता है..!!


१) नाशिक जिले के किसान भाई हमेशा कुछ नया सोचते है, और उसे सक्सेस भी करते है, भारत में अनेक किसान भाइयों ने ड्रेगन फ्रूट लगाया था, परंतु प्रत्यक्ष में फ्रूट का उत्पादन सिर्फ ३ किसान भाई ले सके, उनमें से एक हैं कैलाश मानसिंग कचवे उर्फ़ कैलाश आबा.

२) कैलाश आबा की खेती मालेगांव तहसील के दाहिदी गांव में है, कैलाश आबा अनार की खेती करते है, आज सभी किसान भाई अनार की खेती में आनेवाले तेल्या रोग से परेशान है, परंतु कैलाश आबा के खेत में तेल्या रोग आज तक नहीं आया. ३) कैलाश आबा को खेती के काम में सम्पूर्ण सहकार्य मिलता है, उनके ज्येष्ठ सुपुत्र देवीदास कचवे का, आबा बड़े किसान भाई है, समाज में प्रतिष्ठित होने के कारण उनका बहोत सा समय सामाजिक कार्यों में व्यतीत होता है, इसलिए खेती का पूरा काम उनके सुपुत्र देवीदास सँभालते है. ४) मेने देवीदास जी से पूछा की आपने कैसे सक्सेस किया इस कठिन खेती को, तब उन्होंने बताया की मेने पहले ही दिन से ड्रेगन बाग़ को रासायनिक खाद नहीं डाला, बाग़ का पूरा नियोजन आर्गनिक है, गर्मी के मौसम में, बाग़ में पत्तियों पर स्क्रैचेस आ रहे थे हमने पौधों के ऊपर घास डालकर पौधों का गर्मी से बचाव किया. ५) देवीदास जी ने ड्रेगन फ्रूट का पूरा अभ्यास किया, समय-समय पर आनेवाली समस्या का निदान ढूंढ कर निकालने के कारण आज ड्रेगन फ्रूट बाजार में बिक्री के लिए जा सका है. ६) साधरण एक एकर के बगीचे से पहला बहार बेचकर ४ लाख रुपये कमाए हैं, प्रति किलो २०० से २५० रुपये का भाव मिला है पहले फल निकलते ही दूसरा बहार आने की प्रक्रिया सुरु हो गई है, आगे क्या होगा अभी देखना है, साल में २ - ३ बहार मिलेंगे या लगातार उत्पादन मिलता रहेगा अभी कुछ कहा नहीं जा सकता. ७) देवीदास जी का कहना है की, इस फ्रूट को किसी भी दवाई का छिड़काव नहीं करना पड़ता, बाग़ लगाने के बाद खर्च नहीं के बराबर है, इसलिए यह फ्रूट ५० रुपये किलो भी बिकता है, तब भी किसान भाई अच्छे पैसे काम सकता है. ८) देवीदास जी ने एक महत्वपूर्ण बात बताई की यह फल आयुर्वेदिक दवाई है, डेंगू की बिमारी में काम करता है, इसमें केल्सियम का प्रमाण बहोत ज्यादा है, और फल खाने में भी स्वादिष्ट है, इसलिए ड्रेगन फ्रूट की खेती भविष्य की खेती बन सकती है, इस फ्रूट का बड़े पैमाने पर निर्यात भी हो सकता है. ९) ड्रेगन फ्रूट की एक और विशेषता है, यह देखने में इतना सुन्दर है की, देखनेवाला इसे किसी भी कीमत पर खरीदने के लिए तैयार रहेगा.





Comments

Popular posts from this blog

२ एकड़ में १७५ टन उत्पादन !

बिना पानी का गेहूं फिर भी, १ एकड़ में १५ क्विंटल उत्पादन मिला |

मल्टीप्लायर तकनीक से किड रोग में कंट्रोल के साथ उत्पादन में बढ़त..!!