भयानक गर्मी में भी कोथंबीर पीली नहीं पड़ी.

 १) कोथंबीर की फसल गर्मी के मौसम में पीली पड़ जाती है, इसलिए गर्मी के मौसम में बहोत कम किसान भाई कोथंबीर लगाते हैं, परिणामस्वरूप कोथंबीर बहोत महँगी बिकती है.

२) किसान भाई संजय वडने ग्राम दिंडोरी जिला नाशिक, इन्होने कंपनी के बिजनेस कोआर्डिनेटर उत्तम जाधव सर से पूछा क्या मल्टीप्लायर की मदत से गर्मी के मौसम में कोथंबीर की खेती की जा सकती है. ३) जाधव सर ने मल्टीप्लायर के अलग-अलग अनुभव लिए थे, उन्होंने किसान भाई को आश्वस्त किया की आप मल्टीप्लायर के साथ कोथंबीर का उत्पादन ले सकते हैं, कोथंबीर पीली नहीं पड़ेगी. ४) किसान भाई ने जाधव सर के द्वारा बताई तकनीक के अनुसार कोथंबीर की फसल लगाने के पहले बीजों को मल्टीप्लायर से बीजोपचारित किया, फसल उग आने के कुछ दिन बाद यूरिया डालते समय यूरिया को मल्टीप्लायर का कोटिंग करके डाला. ५) फसल तेजी से बढ़ रही थी, कलर नजर लग जाय ऐसा डार्क ग्रीन लगातार बना हुआ था, किसान भाई ने २०० लीटर पानी में २०० ग्राम मल्टीप्लायर के साथ रासायनिक दवाई मिलाकर छिड़काव किया. ६) यह जानकारी कंपनी को २३ मई को मिली तब कोथंबीर बाजार में बिक्री के लिए जाना प्रारम्भ हो चुकी थी, इस सीजन में कोथंबीर पीली पड़ जाती है, इसलिए बाजार में कम मात्रा में माल बिक्री के लिए आता है, इसलिए किसान भाई संजय वडने को बाजार भाव भी अचछा मिला.



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