मल्टीप्लायर तकनिक से मसूर दाल में उत्पादन ३ गुना बढ़ गया..!!

मल्टीप्लायर तकनिक से मसूर दाल में उत्पादन ३ गुना बढ़ गया..!!

१) मोहम्मद शोएब साहब की खेती ग्राम अलोरी तहसील टोंक खुर्द जिला देवास मध्यप्रदेश में है, तहसील के बहुतांश गांवों में बोथी मिटटी है, वहां अक्टोबर महीने के बाद मसूर दाल की खेती की जाती है, उत्पादन एक बीघा क्षेत्र में १०० किलो तक आता है, परंतु कोई पर्याय नहीं होने के कारण मसूर की खेती की जाती है.

२) शोएब जी पिछले १ साल से अपनी तरह-तरह की फसलों में लगातार मल्टीप्लायर का इस्तेमाल कर रहे है, इनके खेत की मिटटी में काफी परिवर्तन दिखाई दे रहा है. ३) इन्होंने भी दूसरे किसान भाइयों की तरह मसूर की खेती १० बीघा क्षेत्र में लगाईं, हमेशा १ बीघा क्षेत्र में ५० किलो म्यूरेट ऑफ पोटास देते थे, इस बार इन्होंने ५०० ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर २५ किलो म्यूरेट ऑफ पोटास दिया. ४) प्रत्येक १५ दिन के अंतर से १५ लीटर पानी में १० ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर छिड़काव किया, लगातार मल्टीप्लायर का छिड़काव होते रहने से फसल तेजी से बढ़ती रही, फसल का कलर डार्क ग्रीन बना रहा. ५) कीटक तथा रोगों के लिए ज्यादा छिड़काव नहीं करना पड़ा, छिड़काव में रासायनिक दवा के साथ मल्टीप्लायर मिलाने से तुरंत परिणाम मिला. ६) अलोरी गांव में सभी किसान भाइयों को १ बीघा में ८० किलो से १०० किलो तक उत्पादन मिला शोएब साहब को १ बीघा में ३०० किलो तक उत्पादन मिला, मसूर की क्वालिटी अच्छी होने के कारण भाव भी ज्यादा मिला. ७) मोहम्मद शोएब साहब की खेती को मार्गदर्शन मिलने के कारण शोएब साहब की खेती लगातार अधिक बढ़ा हुआ उत्पादन दे रही है.



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