दोड़का, तुरई सभी कीड़ों को स्वाहा करनेवाला नारायणअस्त्र!
दोड़का, तुरई सभी कीड़ों को स्वाहा करनेवाला नारायणअस्त्र!
१) किसान भाई का नाम विजय जेजुरकर गांव घामोरी तहसील कोपरगांव जिला अहमदनगर महाराष्ट्र.
२) कंपनी ने नाजुक पत्तों की फसलों पर नारायणअस्त्र के इस्तेमाल की सलाह नहीं दी थी, क्योंकि, किसी भी कीटनाशक की जांच पहले स्ट्रांग पत्तों पर की जाती है, उसके बाद नाजुक पत्तों पर की जाती है, कई बार जांच में पता चलता है की, एक फसल में जिस किड पर रिझल्ट मिला है, उसी किड पर दूसरी फसल में रिझल्ट नहीं मिलता, इसके अलावा भी अनेक कारण होते हैं, इसलिए जब तक कंपनी किसी फसल पर रिझल्ट नहीं देख लेती, उत्पादन के इस्तेमाल की जानकारी नहीं देती. ३) श्रीमती अनीता मेडम स्वयं किसान हैं, वो भी नाशिक जिले की, जहाँ सबसे महँगी फसल अनार और अंगूर की खेती होती है, मेडम ने कुछ फसलों पर रिझल्ट देखा और स्वयं निर्णय लिया, एक बात उन्होंने किसान भाई को जरूर बताई की, सिर्फ थोड़े से क्षेत्र पर इस्तेमाल करके देखो. ४) किसान भाई ने तुरई ( मराठी में दोडका ) की फसल में नारायणअस्त्र का इस्तेमाल किया, अभी कुछ दिनों पहले बरसात होने के कारण फसल पर रस चूसनेवाले कीटकों का अटेक हो गया था, किसान भाई ने थोड़े से क्षेत्र में नारायणअस्त्र का छिड़काव किया, किड का सफाया देखकर किसान भाई के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा. ५) रासायनिक दवाओं का एक पंप तैयार करने में 80 से 100 रुपये तक खर्चा आता है, उसके बाद भी किड पूरी तरह से कंट्रोल में नहीं आती, कुछ ही दिनों में फिर से छिड़काव करना पड़ता है, दूसरे छिड़काव में पहले से कम कंट्रोल मिलता है, पहली बार किसान भाई ने देखा की, एक पंप का खर्चा सिर्फ 12 रुपये उसके बावजूद किड का सम्पूर्ण सफाया. ६) इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का मतलब यह नहीं है की, आप किसी भी फसल में इस्तेमाल करिये, परन्तु आप अगर चाहें तो कुछ फुट क्षेत्र में प्रयोग कर सकते हैं.


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