फसल पर विपरीत वातावरण का कोई प्रभाव नहीं है!

 लौकी की खेती,

मल्टीप्लायर तकनीक के साथ. १) किसान भाई का नाम श्री राजेंद्र महाले ग्राम अंतरवेली तहसील निफाड़ जिला नाशिक महाराष्ट्र. २) मार्गदर्शन तथा मल्टीप्लायर विक्रेता श्रीमति अनीता गोविन्द सोनवणे. ३) किसान भाई लौकी (मराठी में दूधी ) की खेती में मल्टीप्लायर तकनीक का इस्तेमाल किया. ४) एक एकड़ क्षेत्र में प्रति सप्ताह 250 ग्राम मल्टीप्लायर प्रारम्भ से दिया जा रहा है. ५) मल्टीप्लायर, ऑल क्लियर, स्प्रे प्लस और नारायणअस्त्र का छिड़काव किया जा रहा है. ६) पौधों की ग्रोथ लगातार बनी हुई है, फुल ज्यादा मात्रा में आ रहे हैं, उत्पादन भी बढ़कर मिल रहा है. ७) गर्मी के मौसम में लौकी के पौधों में फूल कम लगते हैं, उत्पादन कम मिलता है, मल्टीप्लायर तकनीक के इस्तेमाल के कारण फसल पर विपरीत वातावरण का कोई प्रभाव नहीं है.


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