मल्टीप्लायर तकनीक से तरबुज की खेत में उत्पादन खर्चा कम, समस्या शून्य, उत्पादन जोरदार.
मल्टीप्लायर तकनीक से तरबुज की खेत में उत्पादन खर्चा कम, समस्या शून्य, उत्पादन जोरदार.
१) प्रकाश पाटील इनकी खेती ग्राम हिवरखेड़ा बु II तहसील जामनेर जिला जळगाव में है, २ एकड़ तरबूज की फसल पपई के खेत में बतौर अंतरपीक लगाईं थी,
२) बीज ऊग आने के बाद ५०० ग्राम मल्टीप्लायर एक एकड़ में जमीन से दिया, उसके बाद फल लगने पर ५०० ग्राम मल्टीप्लायर जमीन से दिया.
३) छिड़काव करते समय २० लीटर पानी में ३० ग्राम मल्टीप्लायर के साथ २ मिली ऑल क्लियर मिलाकर छिड़काव किया. ४) कंपनी का कहना है की, रासायनिक खाद धीरे-धीरे कम करिये, परन्तु पाटील साहब ने पहली फसल में ही ६० प्रतिसत रासायनिक खाद कम कर दिया. ५) मल्टीप्लायर के कारण फसल में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आई, इसलिए पैसों की बर्बादी करनेवाले अनेकों उत्पादनों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ा. ६) बेल पहले दिन से तेजी से बढ़ती रही, पत्तों का आकार हमेशा के मुकाबले बड़ा तथा पत्तों का कलर लगातार डार्क ग्रीन बना रहा. ७) भरपूर फल लगे, फलों का आकार बड़ा मिला, एकरी उत्पादन २४ टन मिला है, खर्च कम से कम होने के कारण किसान भाई संतुष्ट है.

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