शिमला मिर्च में मल्टीप्लायर तकनीक से उत्पादन में बढ़त और भाव भी ज्यादा मिला l
१) शिमला मिर्ची के एक एकड़ के प्लाट से १६० केरेट उत्पादन निकल रहा था, किसान भाई ने कृष्णा अग्री सायन्स प्रायवेट लिमिटेड के, आर्गनिक उत्पादों का इस्तेमाल करने के बाद, १६० की जगह २०० केरेट शिमला मिर्ची निकलने लगी, इतना ही नहीं बाजार में भाव भी ज्यादा मिलने लगा.
२) खेडगाव तहसील दिंडोरी जिला नाशिक के किसान भाई नाना सोनवणे साहब ने एक एकड़ क्षेत्र में शिमला मिर्ची लगाईं l
३) कृष्णा के उत्पादन इस्तेमाल करने के पूर्व तरह-तरह की जहरीली दवाओं का छिड़काव करना पड़ता था, अब नहीं करना पड़ रहा है, इस प्रकार जहरीली दवाओं के इस्तेमाल से मुक्ति मिल गई, रासायनिक खाद का भी इस्तेमाल कम हो गया, परिणाम यह रहा की खर्च में ३० प्रतिसत की बचत हो रही है.
४) दोस्तों, कृष्णा के उत्पादनों का इस्तेमाल करने से, खर्च में ३० प्रतिसत की बचत के साथ - साथ उत्पादन में बढ़त होने से डबल फायदा हो रहा है, नाना सोनवणे साहब की शिमला मिर्ची को प्रति केरेट ६५० रुपये का भाव मिल रहा है.
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