मल्टीप्लायर तकनीक से पपीता के पौधे में सुधार के लक्षण दिखने लगे, वायरस से निकलकर फलों से भर गई.

मल्टीप्लायर तकनीक से पपीता के पौधे में सुधार के लक्षण दिखने लगे, वायरस से निकलकर फलों से भर गई.

१) किसान भाई गुलाबराव खंडबाराव कदम ग्राम वालकी तहसील ओंढा जिला हिंगोली, इन्होने दिसम्बर महीने में पपई लगाईं थी, पौधे तेजी से बढ़ रहे थे, मई महीने में खेत में व्हायरस आ गया, सभी पत्ते ख़राब हो गए, सूर्यप्रकाश की मदत से पत्तों पर भोजन बनना बंद हो गया.

२) भोजन के आभाव में पौधे दिन-प्रतिदिन ख़राब होने लगे, ग्रोथ रुक गई, आनेवाले फूल गिरने लगे, किसान भाई ने अनेक उपचार किये परन्तु पपई के पौधों में कोई सुधार नहीं दिखा, ३) किसान भाई ने पपई को मल्टीप्लायर का ड्रेंचिंग किया, और मल्टीप्लायर का छिड़काव भी किया, १५ दिन में पौधों में सुधार के लक्षण दिखने लगे. किसान भाई को पहली बार मल्टीप्लायर से आशा की किरण दिखी, उसने नियमित इस्तेमाल प्रारम्भ कर दिया. ४) आप फोटो में देखिये पूरा पेड़ पपई से भरा हुआ है, सभी फल तेजी से बढ़ रहे हैं, उसके बावजूद सभी पत्ते पूर्ण स्वस्थ हैं, किसान भाई का माल बाजार में जानेवाला है, भाव भी ज्यादा मिलेगा, क्योंकि इन दिनों में बाजार में पपई की कमी रहती है.



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