ज्वारी, ज्वार मल्टीप्लायर तकनीक ने सभी फसलों के उत्पादन को ६० प्रतिसत से बढ़ा दिया.

ज्वारी, ज्वार मल्टीप्लायर तकनीक ने सभी फसलों के उत्पादन को ६० प्रतिसत से बढ़ा दिया.

 १) रात के समय हम सिर्फ अपने घर में उजाला करने पर बहोत सारा पैसा खर्च कर देते हैं, जबकि प्रकृति सूर्य की मदत से पृथ्वी के कोने-कोने में उजाला कर देती है, जिसके लिए हमें कोई खर्च नहीं करना पड़ता,

इसलिए प्रकृति जिस काम को करने के लिए सक्षम है, उस पर हम पैसा क्यों व्यर्थ करें.
२) प्रकृति जब जंगल में पेड़ पौधों को बिनामुल्य भोजन प्रदान कर रही है, फिर हमारे खेतों में हम क्यों भोजन की व्यवस्था बनाने में कंगाल हो रहे हैं, मल्टीप्लायर की मदत से प्रकृति की भोजन प्रदान करने की प्रणाली को कार्यरत करके हम खेती में आनेवाली सभी समस्याओं तथा खर्चों की बचत कर सकते हैं. ३) मधुकर परळकर इनकी खेती उमरगा जिला उस्मानाबाद में है, इन्होंने ज्वारी, चना तथा गेहूं की फसल बुवाई करने के पहले बीजों को मल्टीप्लायर से उपचारित किया, फायदा यह हुआ की ज्यादा से ज्यादा संख्या में बीज अंकुरित हुए तथा तेजी से बढ़ने लगे. ४) फसल १५ दिन की होने पर १५ लीटर पानी में १० ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर दो बार छिड़काव किया, बाद में पानी भरते समय २०० ग्राम मल्टीप्लायर पानी के साथ दिया, उसके बाद १५ लीटर पानी में २० ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर छिड़काव किया. ५) आप स्वयम फोटो में देखिये, सभी फसलें जबरदस्त हैं, किसान भाई मधुकर परळकर का कहना है की, इस बार उत्पादन में कम से कम ६० प्रतिसत की बढ़त मिलेगी. फसल में मल्टीप्लायर के इस्तेमाल का नियोजन राजेश मालवदे सर का है.









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