घेवड़ा, बरबटी बिन्स को रासायनिक ने बर्बाद किया था, मल्टीप्लायर ने आबाद किया.

 १) कृष्ण कुमार पटेल इनकी खेती, बल्हारपुर-लालबर्रा जिला बालाघाट मध्यप्रदेश में है, तहसील क्षेत्र के प्रसिद्ध किसान भाई हैं, आनाज से लेकर सभी प्रकार की सब्जियां लगाते हैं, रासायनिक खाद तथा जहरीली दवाओं के माध्यम से हो रही खेती में किड और रोग कंट्रोल करने में बहोत पैसा खर्च हो जाता था.

२) काफी पैसा खर्च करने के बावजूद किड और रोग कंट्रोल में नहीं आते थे, फलस्वरूप उत्पादन का बड़ा नुकसान हो जाता था, कई बार हिसाब करने पर पता चलता था कि, उत्पन्न से ज्यादा खर्च हो गया. ३) कंपनी के डीलर हिमांशु मिश्रा सर ने कृष्ण कुमार जी को मल्टीप्लायर कि मदत से आर्गनिक खेती की जानकारी दी और नीम से कीटनाशक बनाने कि तकनीक बताई. ४) कृष्ण कुमार जी ने बरबटी-बिन्स, बैंगन-रिंगन-वांगे, लौकी-दुधी,करेला इत्यादि फसलें लगाईं, रासायनिक पूरी तरह से बंद करके सभी फसलों के लिए सिर्फ मल्टीप्लायर का इस्तेमाल किया, जहरीली दवाओं पर खर्च होनेवाला पैसा भी बच गया, घर पर नीम तथा गोमूत्र से बनी दवाओं का इस्तेमाल होने से पैसे की बचत हुई. ५) एक एकड़ क्षेत्र में हर सप्ताह २५० ग्राम मल्टीप्लायर ड्रिप इरीगेशन से दिया जाता है, साथ में हर सप्ताह छिड़काव भी किया जाता है, छिड़काव के लिए १५ लीटर पानी में २० ग्राम मल्टीप्लायर + पंचगव्य + जीवामृत + नीम तथा गौमूत्र से घर पर बनाई दवाई डाली जाती है. ६) कृष्ण कुमार जी ने खेती को कीटक रोग मुक्त तथा फायदे की बनाने कि बात जब चारो तरफ फैलने लगी तो आकाशवाणी ने उनकी मुलाकात प्रसारित की तथा उनका सत्कार किया.



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