शिमला मिर्च के फसल में मल्टीप्लायर तकनीक से जबरदस्त फ्लावरिंग और जम्बो आकार के फल मिल गये

शिमला मिर्च के फसल में मल्टीप्लायर तकनीक से जबरदस्त फ्लावरिंग और जम्बो आकार के फल मिल गये

१) सटाणा नाशिक के सुनील शिरोड़े एक प्रगतिशील किसान हैं, इन्होंने शिमला मिर्ची लगाईं थी, २) आधुनिक पद्धति से खेती करनेवाले सुनील शिरोड़े साहब ने तुरंत ५०० ग्राम मल्टीप्लायर ड्रिप इरीगेशन ( टपक पद्धत ) से दिया, उसके बाद २ बार ३०० - ३०० ग्राम मल्टीप्लायर ड्रिप से दिया. ३) १५ लीटर पानी में २० ग्राम मल्टीप्लायर के प्रमाण में ८ से १० दिन के अंतर से मल्टीप्लायर का छिड़काव हो रहा है. ४) मल्टीप्लायर देने के बाद फसल का रंगरूप कुछ ऐसा निखर गया है की, देखनेवाला बस देखता ही रहता है, जगह-जगह नई फ्लावरिंग आ रही है सेट हो रही है, पत्तों की ताजगी बता रही है की, किड रोग गायब हो चुके हैं. ५) उत्पादन का आकार तथा उसकी संख्या बढे तभी उत्पादन का टनेज बढ़कर मिलता है, फसल को आवश्यकतानुरूप भोजन मिलने से फल जम्बो आकार के बन रहे हैं. ६) जिन फसलों पर किड रोग ज्यादा आते हैं उन फसलों में अगर जहरीली दवाओं का छिड़काव कम हो जाय तो बहोत सारे पैसों की बचत हो जाती है, और इस फसल में किड रोग गायब हो गए हैं.





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