ज्वार का कणिस (भुट्टा) देखने लायक.

 १) किसान भाई का नाम दीपक गिबिडे हदगांव जिला नांदेड़, इन्होने ज्वार की फसल लगाईं थी, मल्टीप्लायर के इस्तेमाल की पूरी जानकारी सतीश माली सर से लेकर उन्होंने ४० प्रतिसत रासायनिक खाद कम डालकर मल्टीप्लायर के साथ खेती की.

२) १५ लीटर पानी में १५ ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर ३ बार फसल पर पत्ते गीले हों ऐसा छिड़काव किया. ३) गोबर खाद में १ किलो मल्टीप्लायर मिलाकर १ एकड़ खेत में दिया, ऐसा २ बार दिया. ४) मल्टीप्लायर के कारण प्रकृति से बिनामूल्य भोजन मिलने लगा, फसल को आवश्यकता से अधिक भोजन की उपलब्धता हो जाने के कारण उत्पादन बढ़कर मिलना ही था. ५) आप फोटो में देख सकते हैं, ज्वारी के दानों से भरे बड़े-बड़े कणिस दिख रहे हैं.





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