पौधों को रासायनिक खाद का एक दाना भी नहीं डाला है!

 १) अभी तक सफरचंद हिमाचल और कश्मीर में होता था, परन्तु वो दिन दूर नहीं जब सफरचंद गुजरात,राजस्थान,महाराष्ट्र या दक्षिण भारत में भी पैदा होने लगे.

२) कंपनी के प्रतिनिधि प्रवीण बिरे सर चांदुर बाजार जिला अमरावती ने सफरचंद के पौधे लगाए, २० दिनों में उसमें नई पत्तियां आ गई. 

३) प्रवीण सर ने बताया की, नागपुर के एक नर्सरी व्यावसायिक ने व्हिएतनाम से सफरचंद की कलम लाकर नागपुर में पौधे तैयार किये हैं.

४) गुजरात राजस्थान तथा महाराष्ट्र के २०० से ज्यादा किसान भाइयों ने १० से २० पौधे लगाए हैं.

५) आनेवाले १ वर्ष में पता चल जायेगा की इन पौधों पर सफरचंद लग सकते हैं या नहीं, उनकी क्वालिटी देखने में कैसी है, खाने में कैसी है, किड रोग की क्या समस्या आती है.

६) प्रवीण सर ने इन पौधों को रासायनिक खाद का एक दाना भी नहीं डाला है, सिर्फ मल्टीप्लायर का इस्तेमाल किया है.






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