कपास की फसल में कैरी की संख्या गिनते-गिनते थक जायेंगे !

 कैरी की संख्या गिनते-गिनते थक जायेंगे.

१) किसान भाई का नाम नीलेश बनसोड ग्राम पिंपलखुंटा तहसील बाभूलगांव जिला यवतमाल, इन्होने १० एकड़ कपास लगाईं थी, कंपनी के प्रतिनिधि नकुल वसंतराव मड़गे सर ने किसान भाई को बताया की, फसलों को पोषण प्रकृति के द्वारा मिलता है, रासायनिक खादों के इस्तेमाल से वह व्यवस्था ध्वस्त हो गई है, आप मल्टीप्लायर की मदत से अपनी खेती को प्राकृतिक बनाकर खेती का लागत मूल्य कम करके ज्यादा उत्पादन ले सकते हैं. २) किसान भाई ने १ किलो मल्टीप्लायर खरीदकर १५ लीटर पानी में १० ग्राम मल्टीप्लायर मिलाकर छिड़काव किया, कपास, फसल का तुरंत प्रकृति से सम्बन्ध जुड़ गया, पत्तों का आकार बढ़ने लगा, पत्तों का कलर डार्क ग्रीन बनने लगा, ग्रोथ में तेजी आ गई, फूलों की तथा कैरी की संख्या बढ़ने लगी, आज फसल की स्तिथि यह है की, जितने पत्ते उतनी कैरी दिख रही हैं. ३) रिझल्ट से प्रभावित किसान भाई ने तुरंत १० एकड़ में मल्टीप्लायर ट्रीटमेंट की, नकुल सर का कहना है की, किसान भाई स्वयं के पिछले रेकार्ड ब्रेक करने की दिशा में आगे बढ़ रहा हैकैरी की संख्या गिनते-गिनते थक जायेंगे.




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