हल्दी की फसल में मल्टीप्लायर तकनीक से उत्पादन ९० प्रतिसत बढ़ गया..!!
हल्दी की फसल में मल्टीप्लायर तकनीक से उत्पादन ९० प्रतिसत बढ़ गया..!!
१) खर्चा कम और उत्पादन ज्यादा यह स्तिथि जब तक खेती में निर्माण नहीं होगी, किसान भाई की खेती फायदे की नहीं बनेगी, और इस स्तिथि को आसानी से संभव बनाता है, मल्टीप्लायर.
२) किसान भाई का नाम है संतोष गणपत कदम ग्राम ओझर्डे तहसील वाई जिला सातारा, हमेशा हल्दी की फसल लगाते हैं, १६ गुंठे ( आर ) क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा १० क्विंटल उत्पादन मिलता था, किसान भाई के पास स्वयम का पोल्ट्री फार्म है, इसलिए वो सभी फसलों को रासायनिक खाद के साथ पोल्ट्री खाद भी देते हैं. ३) किसान भाई ने मल्टीप्लायर के साथ प्राकृतिक तथा फायदे की खेती को तंत्रज्ञान से अवगत कराया, और तुरंत मल्टीप्लायर इस्तेमाल करने का निर्णय लिया. ४) कदम साहब ने रासायनिक खाद का एक दाना भी नहीं डालने का निश्चय करके, हल्दी के बीजों को मल्टीप्लायर से बीजोप्चारित करके लगाया, खेत में पानी देने के लिए ड्रिप इरीगेशन ( टपक पद्धत ) व्यवस्था कार्यरत है, किसान भाई ने प्रत्येक पानी के साथ मल्टीप्लायर दिया. ५) उत्पादन निकलने के बाद किसान भाई बहोत खुश है, क्योंकि पहले ज्यादा से ज्यादा उपादान १० क्विंटल आता था, इस बार १८ क्विंटल आया है, मतलब रासायनिक खाद बंद करने के बावजूद उत्पादन में ९० प्रतिसत की बढ़त हुई है.
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