खर्चों में कमी के साथ उत्पादन ४० से ५० प्रतिसत ज्यादा मिल रहा है

 बैंगन,वांगे,रिंगन.

उत्पादन में ५० प्रतिसत की बढ़त. १) किसान भाई का नाम सुनील भाई देवांगन बिलासपुर छत्तीसगढ़, किसान भाई मुख्य रूप से सब्जी भाजी की खेती करते हैं, कंपनी के प्रतिनिधि हिमांशु मिश्रा सर के मार्गदर्शन में अच्छा उत्पादन ले रहे हैं. २) सुनील भाई सब्जी लगाते हैं, इसलिए उनके मन में ऐसा विचार आया की, क्यों ना लोगों को रसायन मुक्त, जहर मुक्त सब्जियां दी जाएँ, उन्होंने हिमांशु सर से बात की, सर ने बताया की आप मल्टीप्लायर की तकनीक से धीरे-धीरे करके आर्गनिक बन सकते हैं. ३) मल्टीप्लायर तकनीक में आपका उत्पादन बढ़कर मिलेगा, खर्च कम-कम होता जाएगा, रासायनिक खाद कम-कम होकर ५ से ७ सालों में शून्य हो जायेंगे, जहरीली दवाओं का छिड़काव भी कम-कम होकर बंद हो जायेगा. ४) सुनील भाई ने बैंगन की फसल को रासायनिक खाद देते समय १ किलो मल्टीप्लायर खाद में मिलाकर लगाया. ५) पौधे खेत में लगाने के बाद प्रत्येक ६ दिन के अंतर से २५० ग्राम मल्टीप्लायर ड्रिप से दिया जा रहा है, फसल पर नियमित छिड़काव भी किया जा रहा है, किसी भी रासायनिक दवा के घोल में मल्टीप्लायर प्रति १५ लीटर २० ग्राम दिया जा रहा है. ६) पहले दिन से मल्टीप्लायर का इस्तेमाल होने के कारण प्रति एकड़ हर महीने ७ टन उत्पादन मिल रहा है. ७) फसल बलवान बन जाने के कारण किड तथा रोगों का अटेक कम है, रासायनिक दवाओं में ५० प्रतिसत तक की बचत हुई है. ८) खर्चों में कमी के साथ उत्पादन ४० से ५० प्रतिसत ज्यादा मिल रहा है.


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