मल्टीप्लायर तकनीक से अनार की खेती में खर्च कम और उत्पादन रेकार्ड ब्रेक
मल्टीप्लायर तकनीक से अनार की खेती में खर्च कम और उत्पादन रेकार्ड ब्रेक
१) जिस प्रकार अधिक मात्रा में किया गया भोजन, इंसान के लिए हानिकारक होता है, उसी प्रकार फसलों को भी अगर कोई घटक ज्यादा मात्रा में दिया जाय, तो हानिकारक होता है, आजकल महंगी खेती करनेवाले किसान भाई, खेती में NPK के साथ - साथ, पानी में घुलनशील सभी प्रकार के सूक्ष्म अन्न द्रव्य भी देते है, परिणाम यह होता है की, घटकों की अधिकता के कारण फसल की सारी सिस्टिम में खराबी आ जाती है. २) उपरोक्त अनार की बाग में पुरे समय प्रकृति की सिस्टम कार्यरत रही, क्योंकि इस प्लाट में ७० प्रतिसत उत्पादन कृष्णा एग्री सायन्स प्रा.लि. के इस्तेमाल हुए, इसलिए फसल की स्वयम की सिस्टम काम करती रही, जिस घटक की जितनी आवश्यकता थी उतना मिलता गया, किसी घटक की ना तो कमी हुई ना कोई घटक ज्यादा हुआ. ३) इसलिए तेल्या रोग जिसके नाम से अनार की खेती करनेवाला किसान भाई कांप जाता है उसका कोई नामोनिसान नजर नहीं आया, फसल कृष्णा एग्री के उत्पादनों ने इतनी ताकतवर बना दी थी की, किड और रोगों ने कोई समस्या उत्पन्न नहीं की. ४) अनार की यह बाग ६ एकड़ की है, किसान भाई का नाम है श्री अन्ना शेटे ग्राम गणेगांव तालुका राहुरी जिला अहमदनगर, इस बाग को सम्पूर्ण मार्गदर्शन राजेंद्र कोल्हे साहब का है, नाशिक तथा अहमदनगर जिले में अनार और अंगूर की बाग आर्गनिक पद्धति से कराने के लिए कोल्हे साहब एक सुपरिचित नाम है. ५) अनार की इस बाग में सिर्फ फलों की संख्या ही ज्यादा नहीं है, फलों का आकार भी जम्बो है, सिर्फ कोल्हे साहब नहीं अनार खेती के सभी जानकार किसान भाइयों का कहना है की, हार्वेस्टिंग के समय बहुसंख्य फलों का वजन 700 ग्राम के लगभग रहेगा. ६) जब आकार जम्बो आएगा, और फलों की संख्या ज्यादा है, तब उत्पादन भी पुराने रेकार्ड ब्रेक करेगा, इस 6 एकड़ की बाग से 125 टन उत्पादन अपेक्षित है, और उत्पादन की क्वालिटी जबरदस्त होने के कारण भाव भी ज्यादा मिलेगा.


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