प्रति एकड़ ३० क्विंटल उत्पादन मिला, दूसरे किसान भाइयों के मुकाबले डबल उत्पादन मिला !
मक्का.
दूसरे किसान भाइयों के मुकाबले डबल उत्पादन मिला. १) किसान भाई का नाम रमेश पाताळे मालसिरस जिला सोलापुर, इनको कंपनी के प्रतिनिधि सतीश माली सर ने बताया की, मक्का की फसल को ज्यादा भोजन की आवश्यकता होती है, रासायनिक खेती में फसल को आवश्यकता से कम भोजन मिलने के कारण उत्पादन कम मिलता है. २) ९६.२ प्रतिसत भोजन बिनामूल्य मिलता है, उसके मिलने में जो अड़चने आ रही हैं, उनका निवारण करता है मल्टीप्लायर, परिणामस्वरूप फसल को ज्यादा भोजन की उपलब्धता होने लगती है, इसलिए उत्पादन बढ़कर मिलता है. ३) किसान भाई ने मक्का को रासायनिक खादों का पहला हप्ता दे दिया था, उन्होंने प्रति एकड़ ५०० ग्राम मल्टीप्लायर बहते पानी के साथ दिया, फसल के पत्ते गहरे हरे रंग के बनने लगे, फसल तेजी से बढ़ने लगी, स्टंप की जाडी बढ़ने लगी. ४) फसल की स्तिथि देखकर किसान भाई ने रासायनिक खाद का दूसरा हप्ता नहीं देने का निर्णय लिया. ५) उनके गांव में बहोत से किसान मक्का लगते हैं, लगभग १५ क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन मिलता है, किसान भाई को प्रति एकड़ ३० क्विंटल उत्पादन मिला. ६) डेड एकड़ मक्का लगाया था, ४४५० किलो उत्पादन मिला.
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